तू है तो

जिंदगी के सितम हुए चार तो फिक्र क्यूँ करूँ

तू है पास तो क्यूँ ना फक्र करूँ

खोया – पाया सब चार दिन की कहानी है

तुझे देने के लिए क्यूँ ना रब का शुक्रिया अदा करूँ

थक गए हैं यहाँ लोग मन्नत के धागे बांध-बांध कर

तुझे सिर्फ एक बार माँगने से दिया है क्यूँ ना अदा उसका एहसान करूँ……. Kran

{3}💓

Advertisements

मेरी यादें…

मोहब्बत की मुझ पर इनायत है,
एक दिलकश दिलनशी मेरी चाहत है

मुझे गम की अब कोई हवा नहीं छुती,
मेरी जान ही मेरे दिल की जो राहत है

उस चांद को भला अब मैं क्यूं देखूं,
मेरे माहताब सी जब उसकी सूरत है

मायूसी भी उसे देख मुस्कुरा देती,
जब करती वो कोई शरारत है..
बोल उठती है मेरे हाथों की लकीरें,
क्या खूब करन तेरी किस्मत है…

पलक से जमी पर जिसे उतारा है खुदा ने,

वो बेनज़ीर हसीना मेरी मोहब्बत है….. क्या कहूँ उनके बारे में लफ्ज नहीं मिल रहे हैं बस इतना समझ लो वो मेरे दिल की धड़कन है, मै शरीर हूं वो रूह है, मै बूंद हूँ वो समंदर है. 😘

अब आगे बताता वो हर रोज़ की तरह नादानी करती दूसरो का नाम लेकर मुझे बहुत चिढ़ाति कहती जाओ उस से बात करो, जाओ उसके पास, झूठ मूठ का रूठ जाती, ओर कुछ पल के लिए ओझल हो जाती फ़ोन बंद, मैसेज का जवाब नहीं, दिल सोचता कही सच में कोई बात तो नहीं हुई, इंतजार रहता कब फ़ोन ऑन हो ओर बात हो, कुछ देर कुछ मिनिट, जब नहीं होता तो दिल बैठ जाता मन में इतना डर जैसे कही उसको खो ना दूँ l क्यूँकि उस जैसी इनायत हर किसी को नहीं मिलती, उसको देखे बिना तो खुद का अक्स भी नहीं भाताl बस मन करता उस से बात हो जाए जैसे जैसे वक़्त बढता जाता वैसे – वैसे गुस्सा खुद पर कि आखिर मैंने किसी से बात की ही क्यूँ, क्यूँ मैंने उसका दिल दुखाया l परेशानी की चरम सीमा ओर जब वो आती है ओर कहती हैं कि झूट था बस तंग कर रही थी, कसम से मन करता है उसको पहले थोड़ा थप्पड़ लगाऊँ ओर फ़िर उसको सीने से लगा लूँ l सारी शिकायत पल में गायब हो जाती जब उसकी जुबां से निकलता जान सॉरी हर चीज भूल जाता, मन करता है सब कुछ उस पर वार दूँ जो कुछ मेरे पास हो सब निसार दूँ, वो है ही इतनी प्यारी l

पहले उसका समय था शाम के 4:30 के बाद फोन करना जैसे ही clg से आती पहले फोन करती, अपनी मीठी-मीठी बातों से सब दर्द दूर कर देती, क्या बताओ यारों हर दर्द पल में गायब मधु जब उसके लफ्जों से टपके जाती मै सुनते जाता l पता नहीं चलता कि कब घंटे का

वक़्त कट जाता

हर रोज़ की तरह आज दिन तो निकला पर आज वो जल्दी उठ गयी परीक्षा आ रही थी तो उसको पड़ना था, आज मुझसे पहले उसका मैसेज था l मै आज थोड़ा लेट उठा रात भर तूफ़ान के साथ बारिश तो बिजली नहीं थी सो नहीं पाया सारी रात l 8 बजे आँख खुली मोबाइल देखा उसको मैसेज करने आगे बड़ा उसका मैसेज पड़ा था, मैंने reply किया कॉफी दी ओर फिर मैं रोज़ के काम कर के फ्री होकर अपने खेत में चला गया l

उसका मैसेज एक अवर बाद आया मैंने कहा उठ गया वो बोली कब से मैसेज देखो मै प्यार से उसको बाबू बोलता कुछ थोड़ी बात हुई, फिर उसको पड़ना था तो मैंने कहा पड़ लो जब फ़ी रहो तो कॉल कर देना, उसने कहा ठीक है और चली गयी l मुझे भी डाइट लेनी थी घर आया ली ओर मार्केट में काम से निकल गया l उसका दोपहर में कॉल आया मैंने कहा फ्री होकर लगाता, जब फ्री हुआ तो 10 मिनिट बात हुई ओर उसने कहा आंटी आए हैं जाना है l पहले रोज़ हो जाती थी अब कुछ दिन से बात नहीं हो रही तो मन नहीं भरा फ़ीर भी जाने दिया, पर दस मिनिट तक उसको बहुत मिसस किया उसकी पुरानी बातो को, इतना दुलार आया था कि आँख छलकने लगी l उसके बाद वो बिज़ी हो गयी या, व्यस्त हो गई पढाई में कुछ देर पहले उसका मैसेज आया सिद्दत, तलप इस कदर हावी हुई कि उसको एक पल भी दूर जाने नहीं देना था l हम दोनों के बीच हजारों किलोमीटर का फासला है मग़र कभी लगा नहीं वो इतना दूर है, जब भी याद किया उसका हाथ अपने हाथ में ओर उसको पास पाया l कुछ थोड़ी सी बात के बाद वो चली गयी,

उसको पड़ना था क्यूंकि उसको बड़ा हासिल करना है…. इस तरह थोड़ी सी बात के साथ दिन का गुजारा हुआ…

वो पहले सी मुलाकातें अब कहाँ
करीब से उनका गुज़र जाना..

वो पहले सी बातचीत अब कहाँ
बस नज़रों का आपस में मिल जाना..

बस हमेशा एक ही आरजू है कि वो हमेशा खुश रहे प्यार का मतलब हवस नहीं होता, प्यार का मतलब वो हजारों मिल दूर होकर भी पास रहे, प्यार रहे सिर्फ उसी एक से प्यार रहे…… कल की कहानी आपके बीच में फ़िर लाऊंगा मेरी डायरी पडना ओर प्रतिक्रियाएं देना क्या ख्याल है आपका…..

{2}k❤️

मेरी यादें

मै अपनी कुछ यादे शेयर करना चाहता हूं उम्मीद करूंगा आपको पसंद आए…. मेरी ये डायरी मेरा प्यार. ❤️

रोज़ की तरह आज भी भोर हुई सुरज आपनी किरणों के साथ अठखेलियां करता हुआ बाहर आया l मधुर सा वातावरण हवा में नमी बहुत ही सुहानी घड़ी थी सुबह के 6 बजे थेl मैंने आज भी रोज़ की तरह फोन को ऑन किया मैसेज देखा एक भी नहीं था, सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी देखा नहीं था l मैंने उसको खुद से मैसेज किया उठ जाओ कहा हो, 30 मिनिट गुजर गए कोई जवाब नहीं कुछ घंटे के बाद मैंने चार पांच लगातार मैसेज उसको किए, तब जा के उसका जवाब आया हाँ में उठ गयी हूँ l मैंने चैन की साँस ली ओर फ़िर थोड़ी सी चाय पी ओर काम में लग गया, काम काज में वक़्त पता नहीं चला वो याद तो हर पल थी बस उसके पास पहुंचने के लिए मोबाइल तक नहीं पहुँच पा रहा था l जैसे ही घर आया उसको मैसेज किया कहा हो जवाब नहीं, 😒 फिर मैसेज किया आजाओ यार बहुत तेज़ याद आ रही है वो नहीं आई 😑 दिल उदास बैठा जा रहा था l मन कर रहा था एक मिनिट बस बात हो जाए थोड़ी सी हो जाए नहीं हुई l इतना प्यार तो अपनी रूह से भी ना किया होगा जितना उस पागल को करता…

“भोली सी वो मासूम सी सबसे निराली है

जमाने में सबसे जुदा वो सादगी वाली है”

आखिर शाम को 4 बजे उसका मैसेज आया व्यस्त हूँ मैंने कहा ठीक है दिल तो लग नहीं रहा था फिर भी बोल दिया झूट, के ठीक है क्यूंकि उसको परेशान नहीं प्यार करना है, थोड़ा नहीं बेशुमार करना है…. आगे कल

{1}k❤️